रीवा में अवैध घोषित कॉलोनी में नदी किनारे ग्रीन बेल्ट पर पार्टी लॉन निर्माण, प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण जारी, बीहर नदी किनारे निर्माण से पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा
मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजा अवैध कॉलोनियों का मुद्दा। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- 3 महीने में आएगा सख्त कानून। जयवर्धन सिंह ने लगाए गंभीर आरोप।
रीवा में बीहर नदी के किनारे अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रशासन द्वारा शाही रिवर व्यू कॉलोनी के लिए नदी की ओर निर्माण की स्पष्ट सीमा तय किए जाने और जेसीबी कार्रवाई के बाद भी बिल्डर ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया है।
रीवा में शांति रॉयल स्टेट द्वारा बीहर नदी पर बनाई गई अवैध दीवार आखिरकार नदी की धार के सामने टिक नहीं पाई। प्रशासन और कॉलोनाइजरों की मिलीभगत ने शहर को बाढ़ के खतरे में डाल दिया। नदी की धारा रोकने से शहर जलमग्न हो गया, ईको पार्क, बोदाबाग और सैनिक स्कूल तक पानी पहुंचा। सवाल उठता है—क्या अब भी कार्रवाई होगी या फिर अगली आपदा का इंतजार किया जाएगा?
रीवा नगर निगम की टीएल बैठक में आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे ने अवैध कॉलोनियों, लंबित पत्रों और सार्वजनिक शिकायतों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जोन 3 में एफआईआर न कराने पर ईई और सहायक यंत्री को थमाया शोकॉज नोटिस। साथ ही शहर में भिक्षावृत्ति, अवैध वॉल पेंटिंग, और मुक्तिधाम योजना पर भी दिए गए निर्देश।

















